हरियांवा चीनी मिल से किसान और ग्रामीण त्रस्त
हरदोई

हरदोई जनपद के हरियांवा क्षेत्र में स्थित चीनी मिल किसानों और ग्रामीणों के लिए लगातार परेशानी का कारण बनती जा रही है। मिल से निकलने वाला गंदा और जहरीला पानी आसपास के खेतों, नालों और जल स्रोतों में छोड़ा जा रहा है, जिससे खेती बुरी तरह प्रभावित हो रही है और क्षेत्र में गंभीर बीमारियाँ फैल रही हैं।
इसके अलावा चीनी मिल की चिमनियों से निकलने वाली काली राख (फ्लाई ऐश) हवा के माध्यम से गांवों में फैल रही है। इससे दमा, सांस की तकलीफ, खांसी, एलर्जी और फेफड़ों से जुड़ी गंभीर बीमारियों के मामले बढ़ते जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इसका सबसे अधिक असर किसानों, महिलाओं और बच्चों पर पड़ रहा है, जबकि गरीब किसानों के पास इलाज के पर्याप्त साधन भी नहीं हैं।
इस गंभीर समस्या को लेकर भारतीय किसान यूनियन महाकाल के प्रदेश उपाध्यक्ष अमित चंचल त्रिवेदी, जिला अध्यक्ष अनिल मिश्रा और महिला प्रदेश उपाध्यक्ष निशा शर्मा के नेतृत्व में किसानों ने चीनी मिल प्रबंधन और प्रशासन के खिलाफ कड़ा रोष व्यक्त किया।
प्रदेश उपाध्यक्ष अमित चंचल त्रिवेदी ने कहा कि
“चीनी मिल किसानों की सेहत और पर्यावरण के साथ खुला खिलवाड़ कर रही है। गंदा पानी और काली राख से पूरा क्षेत्र प्रभावित हो रहा है। गरीब किसान इलाज तक नहीं करा पा रहा, यह अन्याय है।”
जिला अध्यक्ष अनिल मिश्रा ने चेतावनी दी कि
“यदि जल्द ही प्रदूषण पर नियंत्रण नहीं किया गया तो किसान यूनियन बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होगी।”
महिला प्रदेश उपाध्यक्ष निशा शर्मा ने कहा कि
“इस प्रदूषण का सबसे ज्यादा दुष्प्रभाव महिलाओं और बच्चों पर पड़ रहा है। सरकार को तुरंत हस्तक्षेप करना चाहिए।”
इस मौके पर भारतीय किसान यूनियन महाकाल के बड़ी संख्या में पदाधिकारी और किसान मौजूद रहे। सभी ने एक स्वर में मांग की कि —
चीनी मिल से निकलने वाले गंदे पानी पर तत्काल रोक लगाई जाए।
काली राख पर नियंत्रण के लिए आधुनिक तकनीक लगाई जाए।
प्रभावित किसानों और ग्रामीणों के इलाज की उचित व्यवस्था कराई जाए।
दोषी मिल प्रबंधन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
किसान यूनियन ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो जनहित में आंदोलन तेज किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन और चीनी मिल प्रबंधन की होगी।




