लंबी वेटिंग लिस्ट से मिलेगी छुटकारा, नॉर्दर्न रेलवे ने होली के त्योहार पर AC, स्लीपर और जनरल कोच वाली स्पेशल ट्रेनों का किया ऐलान
🚆 होली पर यात्रियों को बड़ी राहत, स्पेशल ट्रेनों का ऐलान
होली का त्योहार नजदीक आते ही देशभर में यात्रा करने वाले लोगों की संख्या तेजी से बढ़ जाती है। खासकर दिल्ली और एनसीआर से बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड, छत्तीसगढ़ और पूर्वी भारत की ओर जाने वाले रूट्स पर हर साल ट्रेनों में भारी भीड़ देखने को मिलती है। इस बार भी स्थिति कुछ अलग नहीं है। फरवरी के मध्य के बाद से ही ज्यादातर ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट शुरू हो चुकी है और कई रूट्स पर टिकट पूरी तरह फुल हो गए हैं।
इसी बढ़ती भीड़ और यात्रियों की परेशानी को देखते हुए रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है। नॉर्दर्न रेलवे ने होली के मौके पर बड़ी संख्या में स्पेशल ट्रेनें चलाने की घोषणा की है। इनमें से अधिकतर ट्रेनें दिल्ली और इसके आसपास के प्रमुख स्टेशनों से चलाई जाएंगी, जिससे एनसीआर क्षेत्र के यात्रियों को सीधा फायदा मिलेगा।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इन स्पेशल ट्रेनों में एसी, स्लीपर और जनरल क्लास के कोच शामिल किए जाएंगे, ताकि हर वर्ग के यात्री आराम से सफर कर सकें। इसके साथ ही स्टेशनों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त स्टाफ और विशेष इंतजाम किए जाएंगे। जरूरत पड़ने पर ट्रेनों के फेरों की संख्या भी बढ़ाई जा सकती है।
रेलवे का कहना है कि हर रूट पर यात्रियों की संख्या की लगातार समीक्षा की जा रही है। जिन रूट्स पर मांग ज्यादा होगी, वहां अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें या अतिरिक्त कोच जोड़े जाएंगे। इससे न सिर्फ कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी, बल्कि यात्रियों को लंबी वेटिंग से भी राहत मिलेगी।
कुछ खास रूट्स के लिए सीधी स्पेशल ट्रेनों की घोषणा भी की गई है, जिनके स्टॉपेज प्रमुख स्टेशनों पर रखे जाएंगे। इससे छोटे शहरों और कस्बों के यात्रियों को भी फायदा मिलेगा और उन्हें बार-बार ट्रेन बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति, समय और टिकट कन्फर्मेशन की जानकारी जरूर जांच लें। साथ ही अनावश्यक भीड़ से बचने और सुरक्षित यात्रा के लिए रेलवे द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
कुल मिलाकर, होली के मौके पर रेलवे का यह कदम लाखों यात्रियों के लिए राहत भरा साबित होगा और लोग अपने परिवार के साथ त्योहार मना सकेंगे।




