Surajkund Mela 2026: हरियाणा के फरीदाबाद में लोककला और संस्कृति का भव्य उत्सव

✍️ (थोड़ा सजा-संवार कर)

हरियाणा के फरीदाबाद स्थित सूरजकुंड में हर साल फरवरी महीने के पहले दो हफ्तों में लगने वाला सूरजकुंड मेला देश-विदेश में अपनी अलग पहचान रखता है।

Surajkund Mela 2026 की धूम भी दूर-दूर तक देखने को मिल रही है।

दो हफ्तों तक चलने वाले इस अंतरराष्ट्रीय मेले में करीब 10 लाख से ज्यादा विजिटर पहुंचते हैं। यहां सिर्फ भारत के अलग-अलग राज्यों से ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी बड़ी संख्या में पर्यटक घूमने आते हैं।

इस मेले की सबसे बड़ी खासियत इसकी लोककला और सांस्कृतिक झलक है। यहां

लोकगीत

ढोल-नगाड़े

पारंपरिक नृत्य

हस्तशिल्प और हस्तकला की दुकाने

देखने को मिलती हैं, जो लोगों को अपनी संस्कृति से जोड़ती हैं।

  • सूरजकुंड मेला न केवल मनोरंजन का साधन है, बल्कि यह भारत की विविध संस्कृति और परंपराओं को एक ही मंच पर देखने का बेहतरीन अवसर भी देता
  • है।
  • हरियाणा के फरीदाबाद में आयोजित होने वाला
  • Surajkund Mela 2026
  • देश का एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक आयोजन है। वर्ष 2026 में इस मेले का 39वां संस्करण आयोजित किया गया है, जो 31 जनवरी से 15 फरवरी 2026 तक चलेगा। हर साल की तरह इस बार भी सूरजकुंड मेले को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।सूरजकुंड मेला अंतरराष्ट्रीय पर्यटन कैलेंडर में अपनी विशेष पहचान रखता है। इस मेले में न केवल भारत के विभिन्न राज्यों से पर्यटक पहुंचते हैं, बल्कि बड़ी संख्या में विदेशी सैलानी भी यहां आते हैं। यही वजह है कि यह मेला भारतीय संस्कृति और परंपराओं को वैश्विक मंच प्रदान करता है।

    Surajkund Mela 2026 की खासियत

  • Surajkund Mela 2026
  •  विश्व का सबसे बड़ा शिल्प मेला माना जाता है।
  • मेले में भारतीय हस्तशिल्प, हथकरघा, लोककला और
  • Artistic संस्कृति की शानदार झलक देखने को मिलती है।
  •   यहां लोकगीत, लोकनृत्य,

  •      ढोल-नगाड़ों की गूंज और रंग-बिरंगे सांस्कृतिक कार्यक्रम पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।
    कला, संस्कृति और हस्तशिल्प का केंद्र सूरजकुंड मेले में देश के अलग-अलग हिस्सों से आए कारीगर अपनी पारंपरिक कलाकृतियों का प्रदर्शन करते हैं।

  • यहां हाथ से बने सजावटी सामान, पारंपरिक कपड़े, मिट्टी और लकड़ी से बनी वस्तुएं खरीदने का मौका मिलता है। इसके अलावा विभिन्न राज्यों के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद भी मेले का खास आकर्षण होता है।

    पर्यटकों के लिए खास अनुभव जो लोग भारतीय कला, संस्कृति और शिल्प में रुचि रखते हैं, उनके लिए Surajkund Mela 2026 किसी उत्सव से कम नहीं है। यह मेला न केवल मनोरंजन का साधन है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक विविधता को करीब से समझने का अवसर भी प्रदान करता है।

    इस लेख में आगे आप जान सकेंगे कि Surajkund Mela 2026 में प्रवेश से जुड़ी जानकारी क्या है, यहां कैसे पहुंचा जा सकता है और मेले से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विवरण कौन-कौन से हैं। अगर आप एक यादगार सांस्कृतिक अनुभव की तलाश में हैं, तो सूरजकुंड मेला 2026 जरूर देखने योग्य आयोजन है

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